Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jun 2022 · 1 min read

फूलों का नया शौक पाला है।

सुना है फूलों का नया शौक पाला है तुमने।
बनकर गजरा तेरी जुल्फों में महक जायेंगें।।

✍✍ताज मोहम्मद✍✍

1 Like · 2 Comments · 113 Views
You may also like:
"समय का पहिया"
Ajit Kumar "Karn"
पिता
Manisha Manjari
✍️दूरियाँ वो भी सहता है ✍️
Vaishnavi Gupta
One should not commit suicide !
Buddha Prakash
बे'बसी हमको चुप करा बैठी
Dr fauzia Naseem shad
हो मन में लगन
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
✍️प्यारी बिटिया ✍️
Vaishnavi Gupta
मेरी भोली “माँ” (सहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता)
पाण्डेय चिदानन्द
तुम मेरा दिल
Dr fauzia Naseem shad
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
सफ़र में रहता हूं
Shivkumar Bilagrami
कहां पर
Dr fauzia Naseem shad
आई राखी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
इश्क करते रहिए
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
'परिवर्तन'
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
एक पनिहारिन की वेदना
Ram Krishan Rastogi
चमचागिरी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
【6】** माँ **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पत्नि जो कहे,वह सब जायज़ है
Ram Krishan Rastogi
✍️बचपन का ज़माना ✍️
Vaishnavi Gupta
दर्द की हम दवा
Dr fauzia Naseem shad
"आम की महिमा"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
नफरत की राजनीति...
मनोज कर्ण
ये शिक्षामित्र है भाई कि इसमें जान थोड़ी है
आकाश महेशपुरी
झुलसता पर्यावरण / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️बड़ी ज़िम्मेदारी है ✍️
Vaishnavi Gupta
गुलामी के पदचिन्ह
मनोज कर्ण
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
श्रीराम गाथा
मनोज कर्ण
उस पथ पर ले चलो।
Buddha Prakash
Loading...