Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
May 5, 2022 · 1 min read

फिर कभी तुम्हें मैं चाहकर देखूंगा………….

फिर कभी तुम्हें मैं चाहकर देखूंगा , गलियों में तेरी मैं कभी आ कर देखूंगा।

अभी बोझ जिम्मेदारियों का बहुत है मुझपर , फिर कभी तुमसे दिल लगाकर देखूंगा।

एक अरसा हो गया तुम रूठे हो मुझसे , आज फिर मैं तुमको मना कर देखूंगा।

तेरी हर चीज़ मुझे तेरी याद दिलाती है , तोहफ़े तेरे सारे तुझे मैं लौटाकर देखूंगा।

इंतज़ार तो तेरा मुझे बरसों से है , मगर पलके मैं आज फिर बिछाकर देखूंगा।

आंखें भारी हो गई हैं फिर मेरी आज , फिर मैं आंसू आज बहाकर देखूंगा।

आज फिर इस दिल को समझा कर देखूंगा, तेरी यादों को फिर भुला कर देखूंगा।

फिर कभी तुम्हें मैं चाहकर देखूंगा , गलियों में तेरी मैं कभी आ कर देखूंगा।
– नसीब सभ्रवाल “अक्की” ,
गांव -बांध,
तहसील-इसराना,
पानीपत,हरियाणा-132107.

1 Like · 2 Comments · 73 Views
You may also like:
करते रहिये काम
सूर्यकांत द्विवेदी
सालो लग जाती है रूठे को मानने में
Anuj yadav
कलम
AMRESH KUMAR VERMA
*ध्यान में निराकार को पाना (भक्ति गीत)*
Ravi Prakash
सो गया है आदमी
कुमार अविनाश केसर
लाचार बूढ़ा बाप
jaswant Lakhara
इन तन्हाइयों में तुम्हारी याद आयेगी
Ram Krishan Rastogi
'सती'
Godambari Negi
काश मेरा बचपन फिर आता
Jyoti Khari
प्रयास
Dr.sima
🍀🌺प्रेम की राह पर-42🌺🍀
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
इक दिल के दो टुकड़े
D.k Math
बाबासाहेब 'अंबेडकर '
Buddha Prakash
जीवन दायिनी मां गंगा।
Taj Mohammad
नया सूर्योदय
Vikas Sharma'Shivaaya'
जीवन मे कभी हार न मानों
Anamika Singh
अंदाज़।
Taj Mohammad
बेफिक्री का आलम होता है।
Taj Mohammad
एक पत्र बच्चों के लिए
Manu Vashistha
सिर्फ एक भूल जो करती है खबरदार
gurudeenverma198
“ मेरे राम ”
DESH RAJ
हमारी प्यारी मां
Shriyansh Gupta
समय..
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
मानव स्वरूपे ईश्वर का अवतार " पिता "  
Dr. Alpa H. Amin
तुम्हें सुकूँ सा मिले।
Taj Mohammad
कर भला सो हो भला
Surabhi bharati
लहजा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
✍️अज़ीब इत्तेफ़ाक है✍️
"अशांत" शेखर
लता मंगेशकर
AMRESH KUMAR VERMA
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
Loading...