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19 Jun 2016 · 1 min read

फितरत…..

इस ज़माने में लोगो कि फितरत की बात क्या कीजे,
जो मतलब से बदले मुखड़े उनकी बात क्या कीजे
जिनकी आँखों पर पड़ा हो अंधकार रूप का पर्दा,
रोशन ह्रदय करने में भला चाँद रात भी क्या कीजे ।।



डी. के. निवातियाँ

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
365 Views
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