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13 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-419💐

फ़ुज़ूल लम्हों की नुमाइश मत लगाओ,
जब्र दुनिया में कोई खुशियाँ न मनाओ,
मतलबी हैं कोई किसी का नहीं हैं यहाँ,
दिल के तारों को उस रब से ही लगाओ।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
67 Views
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