Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
31 Jul 2016 · 1 min read

प्रेम

जीवन अधूरा प्रेम बिना
भक्ति अधूरी प्रेम बिना
है समर्पण अधुरा ही प्रेम बिना
है हर भाव अधुरा प्रेम बिना
ज्ञान अधुरा अध्यात्म अधुरा
इस सृष्टि का सृजन अधुरा
सबकुछ है अधुरा प्रेम बिना
प्रेम ही खोना प्रेम है पाना
प्रेम है आना प्रेम है जाना
दु;ख है सुख है ख़ुशी है गम है
धरती से गगन तक सब कुछ बंधा है
इस ढाई अक्षर के पाश में
व्यंग नहीं पूर्ण सत्य है यकी न हो तो
विज्ञानं भी जनता है की —
सागर भी अम्बर को मिलने मचल उठता है
हर पूनम की रात में और इतना की आ जाती है
सुनामी……………..ले आती ………ही …
चन्द्र किरणों के साथ लहरों की
ये प्रेम गाथा कभी कवियों ने गीत लिखे तो
चकोर ने मल्हारे गा दी
कबीर रहीम नानक और मीरा
सभी को इस प्रेम ने बाँधा
राम कृष्ण या शिव की गाथा
प्रेम बिना सुनी सब साधा

Language: Hindi
11 Likes · 1 Comment · 750 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr.Pratibha Prakash
View all
You may also like:
सदियों से जो संघर्ष हुआ अनवरत आज वह रंग लाई।
सदियों से जो संघर्ष हुआ अनवरत आज वह रंग लाई।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
शहीद की मां
शहीद की मां
Shekhar Chandra Mitra
"परीक्षा के भूत "
Yogendra Chaturwedi
दया के सागरः लोककवि रामचरन गुप्त +रमेशराज
दया के सागरः लोककवि रामचरन गुप्त +रमेशराज
कवि रमेशराज
बाल वीर दिवस
बाल वीर दिवस
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
नश्वर संसार
नश्वर संसार
Shyam Sundar Subramanian
मौनता  विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
मौनता विभेद में ही अक्सर पायी जाती है , अपनों में बोलने से
DrLakshman Jha Parimal
अगर ये सर झुके न तेरी बज़्म में ओ दिलरुबा
अगर ये सर झुके न तेरी बज़्म में ओ दिलरुबा
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
हर तरफ़ रंज है, आलाम है, तन्हाई है
हर तरफ़ रंज है, आलाम है, तन्हाई है
अरशद रसूल बदायूंनी
रूप का उसके कोई न सानी, प्यारा-सा अलवेला चाँद।
रूप का उसके कोई न सानी, प्यारा-सा अलवेला चाँद।
डॉ.सीमा अग्रवाल
"दोस्ती के लम्हे"
Ekta chitrangini
*****आज़ादी*****
*****आज़ादी*****
Kavita Chouhan
बस गया भूतों का डेरा
बस गया भूतों का डेरा
Buddha Prakash
तारो की चमक ही चाँद की खूबसूरती बढ़ाती है,
तारो की चमक ही चाँद की खूबसूरती बढ़ाती है,
Ranjeet kumar patre
71
71
Aruna Dogra Sharma
आंखों की नशीली बोलियां
आंखों की नशीली बोलियां
Surinder blackpen
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
आज के बच्चों की बदलती दुनिया
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
आ ख़्वाब बन के आजा
आ ख़्वाब बन के आजा
Dr fauzia Naseem shad
गुरु दीक्षा
गुरु दीक्षा
GOVIND UIKEY
■ सब त्रिकालदर्शी
■ सब त्रिकालदर्शी
*Author प्रणय प्रभात*
*उसके यहाँ भी देर क्या, साहिब अंधेर है (मुक्तक)*
*उसके यहाँ भी देर क्या, साहिब अंधेर है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
हिन्द का बेटा हूँ
हिन्द का बेटा हूँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अब हार भी हारेगा।
अब हार भी हारेगा।
Chaurasia Kundan
#justareminderdrarunkumarshastri
#justareminderdrarunkumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*इस बरस*
*इस बरस*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
आँखें उदास हैं - बस समय के पूर्णाअस्त की राह ही देखतीं हैं
आँखें उदास हैं - बस समय के पूर्णाअस्त की राह ही देखतीं हैं
Atul "Krishn"
✍️♥️✍️
✍️♥️✍️
Vandna thakur
Ghazal
Ghazal
shahab uddin shah kannauji
2386.पूर्णिका
2386.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
#काहे_ई_बिदाई_होला_बाबूजी_के_घर_से?
#काहे_ई_बिदाई_होला_बाबूजी_के_घर_से?
संजीव शुक्ल 'सचिन'
Loading...