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1 Mar 2023 · 1 min read

💐प्रेम कौतुक-310💐

प्रेम में शब्दों के साथ खेलो,किताबों के साथ नहीं।किताबें तो उलझा देंगी और शब्द सुलझा देंगे।किताब भी तो शब्दों से बनी है।पर सुन लो हृदय में पवित्र प्रेम की चोट से ही शब्द की मधुर ध्वनि निकलती है।इसका कलाप कभी पूछो हमसे,हे प्रिय! या फिर उस सामर्थ्यशाली प्रभु से।वो दे देंगे यदि तुम्हारा प्रेम पवित्र हुआ तो।

©®अभिषेक: पाराशरः “आनन्द”

Language: Hindi
74 Views
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