Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Jan 2024 · 1 min read

प्राप्ति

मिला है वो जिसकी थी तलाश
सदियों से या कई जन्मों से
वो वोधि ज्ञान या कैवल्य
तत्व ज्ञान या अध्यात्म
पा लिया मैंने सर सृष्टि का
पा लिया एहसास मैंने तृप्ति का
जिसके लिए था हृदय व्याकुल
और व्यथित थे नैन
मिला है अभिराम
हृदय को भी विराम
शेष अभी हैं उद्देश्य जन्म के
रहस्य भी सुलझ रहे
जन्म जन्मान्तर के
कर्म अकर्म और दुष्कर्म
गीता का क्या धर्म
अब नहीं है परे कर्तव्य वोध
नहीं है भय जीवन का
न ही डर अब मरण का
पूर्ण हुआ जीवन
पाकर तेरे दर्शन सम्पूर्ण आकांक्षा
शेष नहीं अब इच्छा
तेरा आशीष भरा वरद हस्त
स्नेह भरा आलिंगन
नहीं कल्पना मात्र किंचन
मेरे जीवन की है निधि
अमूल्य उपलब्धि
तुम्हरी अनुभूति हर पल हर घड़ी
यही प्राप्ति विधा और विधि ……………………..
………………………..

Language: Hindi
9 Likes · 2 Comments · 145 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr.Pratibha Prakash
View all
You may also like:
*कमबख़्त इश्क़*
*कमबख़्त इश्क़*
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
मैं अपने दिल की रानी हूँ
मैं अपने दिल की रानी हूँ
Dr Archana Gupta
फितरत की बातें
फितरत की बातें
Mahendra Narayan
प्रेस कांफ्रेंस
प्रेस कांफ्रेंस
Harish Chandra Pande
प्रेम और आदर
प्रेम और आदर
ओंकार मिश्र
हवा चली है ज़ोर-ज़ोर से
हवा चली है ज़ोर-ज़ोर से
Vedha Singh
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
कवि दीपक बवेजा
सहित्य में हमे गहरी रुचि है।
सहित्य में हमे गहरी रुचि है।
Ekta chitrangini
श्री रामलला
श्री रामलला
Tarun Singh Pawar
विडम्बना और समझना
विडम्बना और समझना
Seema gupta,Alwar
यकीन
यकीन
Dr. Kishan tandon kranti
तुम्हीं हो
तुम्हीं हो
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
कहां जाऊं सत्य की खोज में।
कहां जाऊं सत्य की खोज में।
Taj Mohammad
खिलेंगे फूल राहों में
खिलेंगे फूल राहों में
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
84कोसीय नैमिष परिक्रमा
84कोसीय नैमिष परिक्रमा
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
ख्वाइश है …पार्ट -१
ख्वाइश है …पार्ट -१
Vivek Mishra
कविता ही हो /
कविता ही हो /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
माणुष
माणुष
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
चांद सितारे चाहत हैं तुम्हारी......
चांद सितारे चाहत हैं तुम्हारी......
Neeraj Agarwal
अब कुछ बचा नहीं बिकने को बाजार में
अब कुछ बचा नहीं बिकने को बाजार में
Ashish shukla
सोनपुर के पनिया में का अईसन बाऽ हो - का
सोनपुर के पनिया में का अईसन बाऽ हो - का
जय लगन कुमार हैप्पी
दलाल ही दलाल (हास्य कविता)
दलाल ही दलाल (हास्य कविता)
Dr. Kishan Karigar
#गहिरो_संदेश (#नेपाली_लघुकथा)
#गहिरो_संदेश (#नेपाली_लघुकथा)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
कुछ लड़कों का दिल, सच में टूट जाता हैं!
The_dk_poetry
तमाशबीन जवानी
तमाशबीन जवानी
Shekhar Chandra Mitra
#justareminderekabodhbalak #drarunkumarshastriblogger
#justareminderekabodhbalak #drarunkumarshastriblogger
DR ARUN KUMAR SHASTRI
There's nothing wrong with giving up on trying to find the a
There's nothing wrong with giving up on trying to find the a
पूर्वार्थ
ग़ज़ल
ग़ज़ल
प्रीतम श्रावस्तवी
पागल
पागल
Sushil chauhan
हनुमान जी वंदना ।। अंजनी सुत प्रभु, आप तो विशिष्ट हो ।।
हनुमान जी वंदना ।। अंजनी सुत प्रभु, आप तो विशिष्ट हो ।।
Kuldeep mishra (KD)
Loading...