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प्रात की बात निराली

प्रात की बात निराली
बहती है हवा मतवाली
खिलती कलियां हर डाली
निकल रहा अंशुमाली
चहकी चिडियो का दल
प्राची मे दिखी है लाली
प्राणवायु बहती है
कलियां चुनता है माली
धरती सुंदर फूलो से
भरी दिखे ज्यो थाली
चमक दिखी दिग दिग मे
प्रात की बात निराली ।

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