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Sep 11, 2017 · 1 min read

प्रातःकालीन वन्दन

जय जय जय प्रभु दीनदयाला
हर क्षण हर पल तूने संभाला
तू ही है सब का रखवाला
जपते हम तेरे नाम की माला।

—-रंजना माथुर दिनांक 06/07/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

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