Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 Jun 2021 · 1 min read

🌲प्रकृति

🌹दोहा

🤼
वर्षा ऋतु सद्प्रीति का,सुंदर भाव-विधान।
क्षण-क्षण मिलन समान है,कर लो अनुसंधान। ।

🤼
प्रकृति-प्रेम सुख-धाम है,त्याग दीजिए शोक।
ज्ञान ग्रहण कर के बनो,आप प्रीति-आलोक। ।

🌹गीत

प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही।
गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही।।

🤼
देख लो बाग की मोहनी हर झलक।
दिल सुगंधी हवा से घिरा अब तलक।
गुण-सुधा में मुहब्बत नहाँ-सी रही।
प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही।
गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही।

🤼
कुंज-भँवरे वहाँ गीत-गा झूमते।
फूलों के कपोलों को भी चूमते।
रति-मदनमय अदा गुदगुदा-सी रही।
प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही।
गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही।

🤼
कड़कड़ाती हुई बिजलियों का गगन।
डर दिखा भर रहा है दिलों में अमन
और वर्षा मिलन-मग बना-सी रही।
प्यार देकर प्रकृति मुस्कुरा-सी रही।
गीत गाकर दिलों को लुभा-सी रही।
—————————————–

💙आकाशवाणी छतरपुर से मेरी आवाज मे,मेरी उक्त रचना का काव्यपाठ प्रसारित हो चुका है।

💙उक्त गीत सहित दोनों दोहों को मेरी कृति
“पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं” में भी पढ़ा जा सकता है।
💙 “पं बृजेश कुमार नायक की चुनिंदा रचनाएं” कृति का द्वितीय संस्करण साहित्यपीडिया पब्लिशिंग से प्रकाशित है और अमेजोन-फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

पं बृजेश कुमार नायक
विद्यावाचस्पति
विद्यासागर
मोबाइल – 9956928367

6 Likes · 19 Comments · 1548 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
Books from Pt. Brajesh Kumar Nayak
View all
You may also like:
💐अब क्या है?डिग्री मिल गई डीजे बजवा ले💐💐
💐अब क्या है?डिग्री मिल गई डीजे बजवा ले💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
चाहत
चाहत
Sûrëkhâ Rãthí
🏞️प्रकृति 🏞️
🏞️प्रकृति 🏞️
Vandna thakur
है पत्रकारिता दिवस,
है पत्रकारिता दिवस,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बेरोज़गारी का प्रच्छन्न दैत्य
बेरोज़गारी का प्रच्छन्न दैत्य
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
कभी-कभी वक़्त की करवट आपको अचंभित कर जाती है.......चाहे उस क
Seema Verma
*प्रसादी जिसको देता है, उसे संसार कम देगा 【मुक्तक】*
*प्रसादी जिसको देता है, उसे संसार कम देगा 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
परदेश
परदेश
DESH RAJ
Indian Women
Indian Women
DR ARUN KUMAR SHASTRI
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
उसे देख खिल गयीं थीं कलियांँ
डॉ.श्री रमण 'श्रीपद्'
आभार
आभार
Sanjay ' शून्य'
गुरुवर
गुरुवर
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️जिंदगी के तौरतरीके✍️
✍️जिंदगी के तौरतरीके✍️
'अशांत' शेखर
जात-पात के आग
जात-पात के आग
Shekhar Chandra Mitra
चमत्कार को नमस्कार
चमत्कार को नमस्कार
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
नियति से प्रतिकार लो
नियति से प्रतिकार लो
Saraswati Bajpai
मां
मां
goutam shaw
★दाने बाली में ★
★दाने बाली में ★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
मां बाप
मां बाप
Sushil chauhan
कुत्ते की पूंछ भी
कुत्ते की पूंछ भी
*Author प्रणय प्रभात*
मैं भौंर की हूं लालिमा।
मैं भौंर की हूं लालिमा।
Surinder blackpen
तेरे दिल में कोई साजिश तो नहीं
तेरे दिल में कोई साजिश तो नहीं
Krishan Singh
तुम बिन लगता नही मेरा मन है
तुम बिन लगता नही मेरा मन है
Ram Krishan Rastogi
फिर एक समस्या
फिर एक समस्या
डॉ एल के मिश्र
बेचारी ये जनता
बेचारी ये जनता
शेख़ जाफ़र खान
मुझे भी जीने दो (भ्रूण हत्या की कविता)
मुझे भी जीने दो (भ्रूण हत्या की कविता)
Dr. Kishan Karigar
सात अंगना के हमरों बखरियां सखी
सात अंगना के हमरों बखरियां सखी
Er.Navaneet R Shandily
हालात
हालात
Surabhi bharati
प्रेम पर्व आया सखी
प्रेम पर्व आया सखी
लक्ष्मी सिंह
ऋतु सुषमा बसंत
ऋतु सुषमा बसंत
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
Loading...