Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Sep 1, 2017 · 1 min read

प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से

शुभ सुहिंदुस्तान हूँ, देखो मुझे आराम से ।
गुलामीं के निशाँ, दर्दीले-जवाँ पैगाम से ।
घाव गहरे दिए पर, मुस्कान का आलोक गह
प्रकाशित हो मिल गया, स्वाधीनता के घाम से।
………………………………………………..
बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

1 Like · 391 Views
You may also like:
Angad tiwari
Angad Tiwari
महापंडित ठाकुर टीकाराम
श्रीहर्ष आचार्य
The Buddha And His Path
Buddha Prakash
हक़ीक़त
अंजनीत निज्जर
💐💐प्रेम की राह पर-11💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
अख़बार
आकाश महेशपुरी
पिता के चरणों को नमन ।
Buddha Prakash
【29】!!*!! करवाचौथ !!*!!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
"कभी मेरा ज़िक्र छिड़े"
Lohit Tamta
मुक्तक ( इंतिजार )
N.ksahu0007@writer
शासन वही करता है
gurudeenverma198
हिरण
Buddha Prakash
मनोमंथन
Dr. Alpa H. Amin
✍️हम सब है भाई भाई✍️
"अशांत" शेखर
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग३]
Anamika Singh
परिवार दिवस
Dr Archana Gupta
इन ख़यालों के परिंदों को चुगाने कब से
Anis Shah
शहीद की बहन और राखी
DESH RAJ
मेरे पिता से बेहतर कोई नहीं
Manu Vashistha
गम आ मिले।
Taj Mohammad
संविधान निर्माता को मेरा नमन
Surabhi bharati
विनती
Anamika Singh
बदरा कोहनाइल हवे
सन्तोष कुमार विश्वकर्मा 'सूर्य'
' स्वराज 75' आजाद स्वतन्त्र सेनानी शर्मिंदा
jaswant Lakhara
गज़ल
Saraswati Bajpai
अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएं
sheelasingh19544 Sheela Singh
स्वर्गीय रईस रामपुरी और उनका काव्य-संग्रह एहसास
Ravi Prakash
✍️अश्क़ का खारा पानी ✍️
"अशांत" शेखर
गुम होता अस्तित्व भाभी, दामाद, जीजा जी, पुत्र वधू का
Dr Meenu Poonia
Loading...