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Sep 11, 2017 · 1 min read

प्रकति से मत करो खिलवाड़

प्रकति से मत करो खिलवाड़
प्रक्रति है हमारे जीवन का आधार

आधार ही नही होगा तो कैसे रहे पाओगे
आधार बिन अपनी क्या पहचान बताओगे

प्रक्रति ही तो हमारे जीवन का सहारा है
हवा,पानी है तभी तो जीवन हमारा है

जंगल,वायु,जल से ही तो सुन्दर नजारा है
बिन जंगल,वायु,जल जीवन नष्ट हमारा है

भूपेंद्र रावत
10/09/2017

1 Like · 143 Views
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