Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

” पोस्ट कार्ड से मन हैं खाली ” !!

पोस्टकार्ड से ,
मन हैं खाली !!

अपनी चिंता जुटे सभी हैं !
याद सताये कभी कभी हैं !
संदेशे अब शीघ्र पहुंचते ,
हरकारे देते हैं ताली !!

पहले स्याही रंग भरती थी !
खतों से मुस्कानें झरती थी !
थोड़ा लिखा समझते ज्यादा ,
शब्द शब्द अब हुआ बवाली !!

मेल यहाँ ई मेल कराते ,
मोबाइल में सब कुछ पाते !
शर्म घटी , निर्लज्ज हुए हैं ,
फिर भी अधरों पर है लाली !!

दिनचर्या है बदली बदली !
हुए आलसी , दशा न संभली !
पढ़ना लिखना खेल कूद क्या ,
जीवन ही हो गया सवाली !!

स्वरचित / रचियता :
बृज व्यास
शाजापुर ( मध्यप्रदेश )

2 Likes · 1 Comment · 142 Views
You may also like:
सितम पर सितम।
Taj Mohammad
अब तो इतवार भी
Krishan Singh
✍️✍️पुन्हा..!✍️✍️
'अशांत' शेखर
कुछ बारिशें बंजर लेकर आती हैं।
Manisha Manjari
रजनी कजरारी
Dr Meenu Poonia
बेटी को लेकर सोच बदल रहा है
Anamika Singh
Corporate Mantra of Politics
AJAY AMITABH SUMAN
होली का संदेश
Anamika Singh
✍️मुतअस्सिर✍️
'अशांत' शेखर
कलम
Dr Meenu Poonia
कल खो जाएंगे हम
AMRESH KUMAR VERMA
*"याचना"*
Shashi kala vyas
R
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
उस निरोगी का रोग
gurudeenverma198
$$सत्संगेन विवेक: जाग्रत: भवति$$
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कविता : 15 अगस्त
Prabhat Pandey
✍️सोच पे किसकी पकड़ है..?✍️
'अशांत' शेखर
'पिता' हैं 'परमेश्वरा........
Alpa
*हास्य-रस के पर्याय हुल्लड़ मुरादाबादी के काव्य में व्यंग्यात्मक चेतना*
Ravi Prakash
पाकीज़ा इश्क़
VINOD KUMAR CHAUHAN
वफादारी
shabina. Naaz
साथ तुम्हारा
मोहन
वेश्या का दर्द
Anamika Singh
बिछड़न [भाग ३]
Anamika Singh
मत भूलो देशवासियों.!
Prabhudayal Raniwal
प्रतियोगिता
krishan saini
पराई
Seema 'Tu haina'
दोहे एकादश...
डॉ.सीमा अग्रवाल
पिता खुशियों का द्वार है।
Taj Mohammad
नीति प्रकाश : फारसी के प्रसिद्ध कवि शेख सादी द्वारा...
Ravi Prakash
Loading...