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9 May 2022 · 1 min read

पितृ स्तुति

पालक पोषक है पिता,देव तुल्य सम मेव।
कर्ता धर्ता आप हैं,पिता ब्रह्म मम एव।

मात पिता की छांव में,जीवन स्वर्ग समान।

एक सत्य ब्रह्मांश है, पिता तुल्य त्वं देव।

डा.प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
लखनऊ।

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
13 Likes · 14 Comments · 406 Views
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