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18 Apr 2022 · 1 min read

पिता

एक हाथ बच्चे को हाथ में संभालना
प्यार वाली दूरदर्शी नजर से निहारना
गदगद हो जाता है तन -मन
दिल के तार -तार में होती है कंपन
बच्चे के पैदा होने पर बेकरार पिता
खुशी की उमंगों में झूम उठता है
सागर की लहरों की तरह हिलोरें मारता मन
जिम्मेदारियों का एहसास होता है
पिता बनने पर आमूलचूल परिवर्तन
विचारों में एक अजीब -सा बदलाव
सिर पर जिम्मेदारियों का बोझ
भविष्य संवारने का दायित्व
खुद के सुख का त्याग
नए आगंतुक की खुशी में खुश
मानो सारा जहां पा लिया हो …..

Language: Hindi
Tag: कविता
6 Likes · 9 Comments · 218 Views
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