Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Apr 16, 2022 · 1 min read

पिता

क्या कहे पिता के बारे में
कैसे व्यक्तित्व को बयां करें
साया पिता का हो जिस पर
वह इत्तराता है किस्मत पर

रक्षा कवच होता है पिता
परिवार का ढोता है बोझं
ऊपर से दिखता है सख्त
अंदर से होता है मोम

सब कुछ सह जाता है खामोशी से
दिल के दर्द को कह नहीं पाता
चाह कर भी वह रो नहीं पाता
दिखता हरदम है कठोर

क्या कहे पिता के बारे में
कैसे व्यक्तित्व को बयां करें

केशी गुप्ता
द्वारका दिल्ली

10 Likes · 11 Comments · 375 Views
You may also like:
My Expressions
Shyam Sundar Subramanian
अधुरा सपना
Anamika Singh
“ तेरी लौ ”
DESH RAJ
पिता का प्रेम
Seema gupta ( bloger) Gupta
श्रम पिता का समाया
शेख़ जाफ़र खान
✍️जिंदगी क्या है...✍️
"अशांत" शेखर
हायकु
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
किसान
Shriyansh Gupta
♡ भाई-बहन का अमूल्य रिश्ता ♡
Dr. Alpa H. Amin
बेटियाँ
डा. सूर्यनारायण पाण्डेय
'बाबूजी' एक पिता
पंकज कुमार "कर्ण"
दुनिया पहचाने हमें जाने के बाद...
Dr. Alpa H. Amin
रावण का प्रश्न
Anamika Singh
ग़र वो है बेवफ़ा बेवफ़ा ही सही
Mahesh Ojha
श्री गंगा दशहरा द्वार पत्र (उत्तराखंड परंपरा )
श्याम सिंह बिष्ट
एक दौर था हम भी आशिक हुआ करते थे
Krishan Singh
आखिर क्यों... ऐसा होता हैं 
Dr. Alpa H. Amin
**अशुद्ध अछूत - नारी **
DR ARUN KUMAR SHASTRI
*माँ छिन्नमस्तिका 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
✍️मनस्ताप✍️
"अशांत" शेखर
तन्हा हूं, मुझे तन्हा रहने दो
Ram Krishan Rastogi
ऐ जिंदगी कितने दाँव सिखाती हैं
Dr. Alpa H. Amin
वक्त और दिन
DESH RAJ
✍️अजनबी की तरह...!✍️
"अशांत" शेखर
मेरा स्वाभिमान है पिता।
Taj Mohammad
"हमारी यारी वही है पुरानी"
Dr. Alpa H. Amin
प्रणाम : पल्लवी राय जी तथा सीन शीन आलम साहब
Ravi Prakash
फूल
Alok Saxena
सुनो ! हे राम ! मैं तुम्हारा परित्याग करती हूँ...
ओनिका सेतिया 'अनु '
बोलती आँखे...
मनोज कर्ण
Loading...