Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
#1 Trending Author

पिता

चिंता देखकर चेहरे पर तेरे
सबकुछ समझ जाता है
तुमसे कुछ कहे बिना ही वो
चिंता का कारण मिटा जाता है।।

बहुत प्यार करता है बच्चों से
लेकिन वो कभी जताता नहीं
सबकुछ करता है उनके लिए
कभी किसी को बताता नहीं।।

वो अपना ध्यान नहीं रखता
हम बच्चों के लिए ही सोचता है
कुछ शरारत करें हम कभी तो
सही राह दिखाते हुए डांटता है।।

इस दुनिया में विश्वास का
दूसरा नाम होता है पिता
अपनी औलाद पर सर्वस्व
न्यौछावर करता है पिता।।

कभी कोई साथ न दे तब भी
हमारा साथ देता है पिता
जो कभी टूटने ना दे हमें
वो हौसला होता है पिता।।

पिता तो परिवार के लिए
बरगद की तरह होता है
खुद धूप में खड़े रहकर भी
पूरे परिवार को छांव देता है।।

चिंता नहीं उसे अपनी कुछ भी
कपड़े पुराने हो तो भी फर्क नहीं
बच्चों के लिए काम करना पड़े
छोटा भी तो उसे कोई शर्म नहीं।।

हर घर का संरक्षक होता है पिता
सबकी जरूरतें पूरी करता है वो
कभी भी अपने लिए नहीं जीता
अपने लिए अंत में सोचता है वो।।

बच्चों के ऊंचाईयां छूने पर
बहुत ही खुश होता है पिता
रोना वो भी चाहता है कभी
लेकिन आंसू पी जाता है पिता।।

करता बहुत है प्यार बच्चों से
लेकिन दिखाता नहीं है पिता
उसको भी कभी गले लगा लो
बच्चों का प्यार चाहता है पिता।।
????????

12 Likes · 3 Comments · 601 Views
You may also like:
फेसबुक की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गुमान
AJAY AMITABH SUMAN
सास और बहु
Vikas Sharma'Shivaaya'
ख़्वाहिश है तेरी
VINOD KUMAR CHAUHAN
इन्सान
Seema 'Tu haina'
भ्राजक
DR ARUN KUMAR SHASTRI
चले आओ तुम्हारी ही कमी है।
सत्य कुमार प्रेमी
जख्म
Anamika Singh
रहे न अगर आस तो....
डॉ.सीमा अग्रवाल
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
मेरी नींदों की
Dr fauzia Naseem shad
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
ख़ूब समझते हैं ghazal by Vinit Singh Shayar
Vinit kumar
मेरा साया
Anamika Singh
✍️पिता:एक किरण✍️
'अशांत' शेखर
पुण्य स्मरण: 18 जून2008 को मुरादाबाद में आयोजित पारिवारिक समारोह...
Ravi Prakash
चंद दोहे....
डॉ.सीमा अग्रवाल
कुछ दुआ का
Dr fauzia Naseem shad
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
कितने रूप तुम्हारे देखे
Shivkumar Bilagrami
सेमल
लक्ष्मी सिंह
कभी जमीं कभी आसमां बन जाता है।
Taj Mohammad
मैं हासिल नही हूं।
Taj Mohammad
✍️चाबी का एक खिलौना✍️
'अशांत' शेखर
I Can Cut All The Strings Attached
Manisha Manjari
रेत   का   घर 
Alok Saxena
आंखों में जब
Dr fauzia Naseem shad
खुद को कभी न बदले
Dr fauzia Naseem shad
पर्यावरण
Vijaykumar Gundal
मेरे गाँव का अश्वमेध!
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
Loading...