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28 May 2022 · 1 min read

पिता

“सबसे अनमोल तोफा पिता”

कभी अभिमान तो कभी स्वाभिमान है,
पिता बच्चों का भगवान और आसमान है|

कभी हंसी तो कभी अनुशासन है,
कभी मौन तो कभी भाषण है पिता|

पिता है तो संसार है, पिता से ही मां
की चुडी, बिंदी, सुहाग है|

जीवन के हर मोड़ पर नाम है पिता का,
बच्चों के हर सपनों को पूरा करना काम है पिता का|

बच्चों की हर छोटी खुशी के लिए ,
सब कुछ सह जाते वो है पिता|

पूरी करते हैं मेरी हर छोटी ईच्छा,
उनके जैसा नही कोई अच्छा|

पिता एक उम्मीद है, एक आस है,
परिवार की हिम्मत और विश्वास है|

बाहर से सख्त अंदर से नर्म है,
उनके दिल में दफन कई मर्म है|

पिता संघर्ष की आंधीयों में हौसलो की दिवार है,
परेशानीयों से लड़ने को दो धारी तलवार है |

कहने को तो सब ऊपर वाला देता है,
पिता है जो हमारे सारे दुख ले लेता है |

धन्यवाद🙏
लेखक – मीनाक्षी नागर
गाँव- अच्छेजा

Language: Hindi
Tag: कविता
30 Likes · 40 Comments · 668 Views
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