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Sep 23, 2022 · 1 min read

पितर

आए हो जैसे इस वर्ष पितरों
आने वाले वर्ष भी आ जाना
बाल गोपाल बसते धरा पर
इन पर आशीष बरसा जाना

दिन सोलह साथ रहे हमारे
हर कारज सिद्ध किये हमारे
स्नेह का नीर बरसा पितरों
मन मानस को तर कर जाना

कलियुगी है संतान आपकी
कर न पायी केयर आपकी
नहीं साथ तो करती है श्राद्ध
नेह हाथ उन पर रख जाना

कर रहे है हम विदा आपको
फिर भी साथ देना आप हमारा
आप ही से हो बरकत हमारी
छाया सदृश साथ देना हमारा

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