Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 14, 2017 · 1 min read

पानी

कहीं पर बूंद बूंद
पानी के लिए तरस रहे
लोगों की कतार दिखाई देती,
तो कहीं लोग बेझिझक
व्यर्थ में ही उसे जाया करती;
कुछ लोग पानी की
अस्तित्व जान कर इसे
अमृत समान मानते ,
कुछेक इसे केवल
अपनी प्यास बुझानेवाली
साधारण पदार्थ समझते;
अब मिल रहा है तो
इसका मोल सभी
समझ नहीं रहे,
सोचो जब मुश्किल
होगा इसका मिलना
हम तब क्या करेंगे?

282 Views
You may also like:
बेटी का पत्र माँ के नाम
Anamika Singh
"आम की महिमा"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
मैं हिन्दी हूँ , मैं हिन्दी हूँ / (हिन्दी दिवस...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Dr.Priya Soni Khare
नदी की अभिलाषा / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
श्रम पिता का समाया
शेख़ जाफ़र खान
सच और झूठ
श्री रमण 'श्रीपद्'
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गीत
शेख़ जाफ़र खान
दर्द इतने बुरे नहीं होते
Dr fauzia Naseem shad
कुछ दिन की है बात ,सभी जन घर में रह...
Pt. Brajesh Kumar Nayak
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
पल
sangeeta beniwal
इन्सानियत ज़िंदा है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
✍️गुरु ✍️
Vaishnavi Gupta
आपसा हम जो दिल
Dr fauzia Naseem shad
स्वर कटुक हैं / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
कैसा हो सरपंच हमारा / (समसामयिक गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
भगवान जगन्नाथ की आरती (०१
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता:सम्पूर्ण ब्रह्मांड
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
"सूखा गुलाब का फूल"
Ajit Kumar "Karn"
ऐ ज़िन्दगी तुझे
Dr fauzia Naseem shad
गुमनाम ही सही....
DEVSHREE PAREEK 'ARPITA'
फौजी बनना कहाँ आसान है
Anamika Singh
वो हैं , छिपे हुए...
मनोज कर्ण
मर गये ज़िंदगी को
Dr fauzia Naseem shad
तू नज़र में
Dr fauzia Naseem shad
पढ़वा लो या लिखवा लो (शिक्षक की पीड़ा का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
पिता का आशीष
Prabhudayal Raniwal
Loading...