Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Aug 20, 2016 · 1 min read

पर खुशियों की बात नहीं है…….

गज़ल

ग़म का तो अब साथ नहीं है,
पर खुशियों की बात नहीं है।

प्यार वही है पहले जैसा,
लेकिन वो जज़्बात नहीं है।

कितनी रातें रोई शबनम,
यह कोई बरसात नहीं है।

कट जाती है जैसे तैसे,
पर दौलत इफरात नहीं है।

दोस्त नहीं हैं पहले जैसे,
पर दुश्मन सी घात नहीं है।

मुद्दों पर कुछ बात उठी है,
यह झगडा बे-बात नहीं है।

तुम जैसों को टक्कर देना,
सबके बस की बात नही है।

-आर० सी०शर्मा “आरसी”

156 Views
You may also like:
बारिश
AMRESH KUMAR VERMA
बचपन की यादें
Anamika Singh
*मतलब डील है (गीतिका)*
Ravi Prakash
सदा बढता है,वह 'नायक', अमल बन ताज ठुकराता|
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Anand mantra
Rj Anand Prajapati
छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने
Ram Krishan Rastogi
नव सूर्योदय
AMRESH KUMAR VERMA
जीवन और मृत्यु
Anamika Singh
Apology
Mahesh Ojha
* उदासी *
Dr. Alpa H. Amin
*श्री राजेंद्र कुमार शर्मा का निधन : एक युग का...
Ravi Prakash
अजीब मनोस्थिति "
Dr Meenu Poonia
बॉलीवुड का अंधा गोरी प्रेम और भारतीय समाज पर इसके...
हरिनारायण तनहा
आखिरी कोशिश
AMRESH KUMAR VERMA
पिता
Satpallm1978 Chauhan
परिस्थितियों के आगे न झुकना।
Anamika Singh
जूतों की मन की व्यथा
Ram Krishan Rastogi
" महिलाओं वाला सावन "
Dr Meenu Poonia
विश्व पुस्तक दिवस पर पुस्तको की वेदना
Ram Krishan Rastogi
करते है प्यार कितना ,ये बता सकते नही हम
Ram Krishan Rastogi
अदम्य जिजीविषा के धनी श्री राम लाल अरोड़ा जी
Ravi Prakash
क्या अटल था?
Saraswati Bajpai
प्रीति की, संभावना में, जल रही, वह आग हूँ मैं||
संजीव शुक्ल 'सचिन'
प्रार्थना(कविता)
श्रीहर्ष आचार्य
रस्सियाँ पानी की (पुस्तक समीक्षा)
Ravi Prakash
विभाजन की विभीषिका
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
✍️एक कन्हैयालाल✍️
"अशांत" शेखर
In my Life.
Taj Mohammad
【9】 *!* सुबह हुई अब बिस्तर छोडो *!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
पिता तुम हमारे
Dr. Pratibha Mahi
Loading...