Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jun 2022 · 1 min read

परिवाद झगड़े

समीक्षार्थ : नवगीत
००००००००००००

~ परिवाद झगड़े ~
————————


मन मुताबिक
दाम लेकर
मिल रही
हैं कुर्सियांँ ।

उलटबाँसी
फेर है सब,
देर में
अंँधेर है सब
मर्सिया
गाने लगे हैं
गाँव, कस्बे,
रोग में
जकड़े हुए हैं
क्षुब्ध ज़ज्बे ।

मूक जनता
के सहारे
झिल रही हैं
कुर्सियाँ ।

उलट गलियाँ
पुलट रस्ते,
साँप को
डसते सपेरे
तंत्र में
फँसते-फँसाते
डूब उतरे
मुँह अँधेरे ।

तिक्त, काले
होंठ जैसी
हिल रही हैं
कुर्सियाँ ।

आँख इनकी
रोज़ भिंचती,
टाँग इनकी
रोज़ खिंचती,
रंग-फीके
ताँत दीखे
जब भी तनते,
मूँछ वाले
बैठ मुंसिफ़
न्याय करते ।

बेवजह
परिवाद
झगड़े
छिल रही हैं
कुर्सियाँ ।

मन मुताबिक
दाम लेकर
मिल रहीं हैं
कुर्सियाँ ।

००००

— ईश्वर दयाल गोस्वामी
छिरारी,(रहली),सागर,
मध्य प्रदेश ।

Language: Hindi
Tag: गीत
13 Likes · 10 Comments · 203 Views
You may also like:
तमन्ना अनूप
Dr.sima
अगर तुम सावन हो
bhandari lokesh
बेटियां
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
✍️तकदीर-ए-मुर्शद✍️
'अशांत' शेखर
पहली मुहब्बत थी वो
अभिनव अदम्य
सच्चे मित्र की पहचान
Ram Krishan Rastogi
💐 गुजरती शाम के पैग़ाम💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
अब कितना कुछ और सहा जाए-
डी. के. निवातिया
अनोखा गुलाब (“माँ भारती ”)
DESH RAJ
गुुल हो गुलशन हो
VINOD KUMAR CHAUHAN
ख़ामोशी रहना मुश्किल है!
Shekhar Chandra Mitra
✍️इंतज़ार✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
नंद के घर आयो लाल
Kavita Chouhan
विकसित भारत का लक्ष्य India@2047 । अभिषेक श्रीवास्तव ‘शिवा’
Abhishek Shrivastava "Shivaji"
💐प्रेम की राह पर-22💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
बाल विवाह
Utkarsh Dubey “Kokil”
कान्हा तोरी याद सताए
Shivkumar Bilagrami
Shayri
श्याम सिंह बिष्ट
पलटू राम
AJAY AMITABH SUMAN
कोई रिश्ता मुझे
Dr fauzia Naseem shad
कभी मिलोगी तब सुनाऊँगा
मुन्ना मासूम
'बेवजह'
Godambari Negi
मशगूलियत।
Taj Mohammad
चमचागिरी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
सब से खूबसूरत
shabina. Naaz
ईश्वर की परछाई
AMRESH KUMAR VERMA
*अद्‌भुत है अनमोल देह (गीत)*
Ravi Prakash
शाम सुहानी सावन की
लक्ष्मी सिंह
हमरा अप्पन निज धाम चाही...
मनोज कर्ण
शराफत में इसको मुहब्बत लिखेंगे।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...