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पत्रकारिता दिवस

शब्द बयां करते हैं बहुत कुछ, जब कलमकार बोलता है।
लोग उसे गलत भी कहते है क्योंकि वह हर बार
बोलता है।
कथन में वजन आता है और संजीदगी भी होती है,
जिस वक्त देश का सच्चा पत्रकार बोलता है।

पत्रकारिता दिवस की अनेकानेक बधाई!
– सिद्धार्थ पाण्डेय

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