Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

पतझड़

लो फिर आ गया ..पतझड़ का मौसम
फिर पत्तों से पेड़ों की बेरुखी होगी
फिर से वही दोनों में गुमशुदी होगी
फिर से दोनों एक-दूसरे से न बात करेंगे
फिर से दोनों के जज़्बात मरेंगे
फिर से प्रेम दोनों का रूप बदलेगा
हरियाली छोड़ नफरत का पीला रंग चहकेगा
एक दिन दोनों के बीच की आखिरी डोर टूट जाएगी
फिर से एक दिन दोनों के बीच नफरत मुस्करायेगी
दोनों एक दूसरे से फिर से बिछड़ जायेंगे
और हवा के झोंके उन्हें उड़ा ले जायेंगे
तब उनको अपनी गलती का अहसास होगा
दोनों के बीच का वो अहसास भी खास होगा
दोनों एक दूसरे से फिर मोहब्बत करेगें
फिर दोनों ही ख़ुद से फिर न बिछड़ने के वादे करेंगे
फिर एक दिन मोहब्बत का आग़ाज़ होगा
आज उनके इश्क़ का अलग अंदाज़ होगा

निहारिका सिंह

2 Likes · 1 Comment · 503 Views
You may also like:
छलकता है जिसका दर्द
Dr fauzia Naseem shad
【34】*!!* आग दबाये मत रखिये *!!*
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
श्रीराम
सुरेखा कादियान 'सृजना'
आंखों में कोई
Dr fauzia Naseem shad
✍️हिसाब ✍️
Vaishnavi Gupta
कैसा हो सरपंच हमारा / (समसामयिक गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आज नहीं तो कल होगा / (समकालीन गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
आत्मनिर्भर
मनोज कर्ण
दूल्हे अब बिकते हैं (एक व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
वेदों की जननी... नमन तुझे,
मनोज कर्ण
पाँव में छाले पड़े हैं....
डॉ.सीमा अग्रवाल
इंतजार
Anamika Singh
यकीन कैसा है
Dr fauzia Naseem shad
सही-ग़लत का
Dr fauzia Naseem shad
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
आतुरता
अंजनीत निज्जर
जीवन की दुर्दशा
Dr fauzia Naseem shad
माँ तुम अनोखी हो
Anamika Singh
हिय बसाले सिया राम
शेख़ जाफ़र खान
भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा बदे सरकार से अपील
आकाश महेशपुरी
बहुआयामी वात्सल्य दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
बाबा साहेब जन्मोत्सव
Mahender Singh Hans
पिता क्या है?
Varsha Chaurasiya
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
गिरधर तुम आओ
शेख़ जाफ़र खान
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
टेढ़ी-मेढ़ी जलेबी
Buddha Prakash
दोहे एकादश ...
डॉ.सीमा अग्रवाल
Loading...