Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Mar 2022 · 1 min read

पढ़ाई – लिखाई

पढ़ाई – लिखाई की अपेक्षित
पड़ती है हर एक मनुष्य को
पढ़ाई- लिखाई हम सबों को
पहुंचाते गम्य, गंतव्य पर हमे ।

पढ़ाई- लिखाई की दौड़ में
आज जो अनपढ़ रह गया
वह अपने इस जिंदगी में
खाते फिरेंगे समाघट, ठेस ।

पढ़ाई-लिखाई के बिन आज
चपरासी की भी नौकरी हमें
कभी भी ना मिल सकती है
इसके मांगती अनुपेक्ष्य ज्ञान ।

पढ़ाई लिखाई आज जो करता
उसका आने वाला कल हमेशा
करता रहता जगमग खुशियों से
पढ़ाई -लिखाई जीवन की उम्मीद ।

अमरेश कुमार वर्मा
जवाहर नवोदय विद्यालय बेगूसराय, बिहार

Language: Hindi
Tag: कविता
472 Views
You may also like:
कब मैंने चाहा सजन
लक्ष्मी सिंह
पिता की नियति
Prabhudayal Raniwal
# बारिश का मौसम .....
Chinta netam " मन "
💐प्रेम की राह पर-75💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
कुरुक्षेत्र
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
इश्क कोई बुरी बात नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जिनके पास अखबार नहीं होते
Kaur Surinder
कैसे तुम बिन
Dr. Nisha Mathur
टीवी देखना बंद
Shekhar Chandra Mitra
नारी सशक्तिकरण
अभिनव अदम्य
✍️वास्तव....
'अशांत' शेखर
स्वतंत्रता दिवस
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
काकाको चप्पल (Uncle's Slippers)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
सुनो स्त्री
Rashmi Sanjay
दर्द और विश्वास
Anamika Singh
बना कुंच से कोंच,रेल-पथ विश्रामालय।।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
कल भी होंगे हम तो अकेले
gurudeenverma198
शिक्षक दिवस पर गुरुजनों को शत् शत् नमन 🙏🎉
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
जिसका प्रथम कर्तव्य है जनसेवा नाम है भुनेश्वर सिन्हा,युवा प्रेरणा...
Bramhastra sahityapedia
खिड़की खुले जो तेरे आशियाने की तुझे मेरा दीदार हो...
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मौला मेरे मौला
DR ARUN KUMAR SHASTRI
डिजिटल प्यार था हमरा
D.k Math { ਧਨੇਸ਼ }
*भाई-दूज कह रहा पावन प्रसंग आज (घनाक्षरी)*
Ravi Prakash
** मेरे खुदा **
Swami Ganganiya
जानता है
Dr fauzia Naseem shad
जिंदगी के अनमोल मोती
AMRESH KUMAR VERMA
#हे__प्रेम
Varun Singh Gautam
अपनों की खातिर कितनों से बैर मोल लिया है
कवि दीपक बवेजा
■ पैग़ाम
*प्रणय प्रभात*
घर की पुरानी दहलीज।
Taj Mohammad
Loading...