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May 25, 2022 · 1 min read

निशां मिट गए हैं।

हर जगह बदल गईं है।
सारे ही निशां मिट गए हैं।।

अपना ही शहर हमको।
अब अजनबियों सा लगे है।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद✍️✍️

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