Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame
Mar 27, 2022 · 1 min read

निर्गुण सगुण भेद..?

निर्गुण सगुण भेद..?
~°~°~°~°~
जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…
तब निर्गुण सगुण भेद मिट जाता है।

निराकार जब साकार ब्रह्म,
बनकर प्रियतम छा जाता है।
ऊर्जा का संचार प्रस्फुटित ,
होकर तब, मन में लहराता है।

जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…

प्रभुमूरत जब शीतल बयार बन,
मन छू छू कर बहलाता है ।
अश्रुधार बह मन निर्मल तब होता ,
छविमोहनी रूप नयन बस जाता है।

जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…

वो मीरा का मुरलीधर श्याम हो ,
या सुरदास का कृष्ण कन्हैया हो।
वरदान अमर भक्ति प्रेम का देता ,
वही आत्मज्ञान मोक्ष बतलाता है।

जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…

अब कहो, कहाँ पर संशय हैं ,
यदि कर्मकांड दुरूह अतिशय है।
तो श्रद्धा प्रेम से भज लो प्रभु को,
जानो अभीष्ट प्राप्ति निःसंशय है।

जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…

भटको न कभी तुम निर्गुण सगुण जाल,
बस सद्गुरु सद्गुण का देखो कमाल।
जो तुम चाहो, भीतर मिलिहे पथ पर ,
अहंनाश होता क्षण में,आशा तृष्णा मिट जाता है।

जब चक्षु विकल हो सकल प्रेम को…

मौलिक एवं स्वरचित
सर्वाधिकार सुरक्षित
© ® मनोज कुमार कर्ण
कटिहार ( बिहार )
तिथि – २७ /०३ /२०२२
चैत ,कृष्ण पक्ष,दशमी ,रविवार ।
विक्रम संवत २०७९
मोबाइल न. – 8757227201

3 Likes · 310 Views
You may also like:
दर्द भरे गीत
Dr.sima
'विनाश' के बाद 'समझौता'... क्या फायदा..?
Dr. Alpa H. Amin
*मेरे देश का सैनिक*
Prabhudayal Raniwal
मेघो से प्रार्थना
Ram Krishan Rastogi
खा लो पी लो सब यहीं रह जायेगा।
सत्य कुमार प्रेमी
आकाश
AMRESH KUMAR VERMA
" कोरोना "
Dr Meenu Poonia
गुफ़्तगू का ढंग आना चाहिए
अश्क चिरैयाकोटी
"याद आओगे"
Ajit Kumar "Karn"
सच्चाई का दर्पण.....
Dr. Alpa H. Amin
गीत
शेख़ जाफ़र खान
*अमृत-सरोवर में नौका-विहार*
Ravi Prakash
ज़ालिम दुनियां में।
Taj Mohammad
" जीवित जानवर "
Dr Meenu Poonia
# बोरे बासी दिवस /मजदूर दिवस....
Chinta netam " मन "
इतना न कर प्यार बावरी
Rashmi Sanjay
बेटी जब घर से भाग जाती है
Dr. Sunita Singh
छंदों में मात्राओं का खेल
Subhash Singhai
हमदर्द कैसे-कैसे
Shivkumar Bilagrami
तुम्हारे शहर में कुछ दिन ठहर के देखूंगा।
Dr.SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
बुध्द गीत
Buddha Prakash
विवश मनुष्य
AMRESH KUMAR VERMA
चश्मे-तर जिन्दगी
Dr. Sunita Singh
ज्योति : रामपुर उत्तर प्रदेश का सर्वप्रथम हिंदी साप्ताहिक
Ravi Prakash
नियमित दिनचर्या
AMRESH KUMAR VERMA
पिता का सपना
श्री रमण
क्या क्या हम भूल चुके है
Ram Krishan Rastogi
कन्यादान क्यों और किसलिए [भाग८]
Anamika Singh
इश्क ए उल्फत।
Taj Mohammad
Fast Food
Buddha Prakash
Loading...