Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

नियति मार्ग मे पग पग पर है ठोकर लाती, कर्मवीर का धैर्य मगर है कहाँ डिगाती ।

नियति मार्ग मे पग पग पर है ठोकर लाती,
कर्मवीर का धैर्य मगर है
कहाँ डिगाती ।
जो राह बनाते सदा चीर प्रस्तर की कारा,
साहस से भय भूत सदा रहता है हारा,
लक्ष्य भेदने को जो प्रतिपल आगे बढते,
आगे बढ इतिहास प्रबलतम बे हैं गढते,
साहस, शील, सत्य संयम की जो हैं थाती,
नियति मार्ग मे पग पग पर है ठोकर लाती,
कर्मवीर का धैर्य मगर है कहाॅ डिगाती ।।
कर्मवीर की कर्मठता ही उसका धन है,
कर्मवीर को सदा नमन करता जन-जन है,
भाग्य स्वयं उसकी जीवटता से डरता है,
जो जीवन मे कर्मठता -वैभव भरता है,
क्रियाशीलता जव मूरत बन खुद ढल जाती,
नियति मार्ग मे पग-पग पर है ठोकर लाती,
कर्मवीर का धैर्य मगर है कहां डिगाती ।।

262 Views
You may also like:
नदी की अभिलाषा / (गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ऐ मां वो गुज़रा जमाना याद आता है।
Abhishek Pandey Abhi
मोर के मुकुट वारो
शेख़ जाफ़र खान
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
गीत- जान तिरंगा है
आकाश महेशपुरी
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
प्रेम में त्याग
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कौन दिल का
Dr fauzia Naseem shad
अनामिका के विचार
Anamika Singh
.....उनके लिए मैं कितना लिखूं?
ऋचा त्रिपाठी
✍️लक्ष्य ✍️
Vaishnavi Gupta
इस दर्द को यदि भूला दिया, तो शब्द कहाँ से...
Manisha Manjari
दर्द इनका भी
Dr fauzia Naseem shad
तुम्हीं हो मां
Krishan Singh
" मैं हूँ ममता "
मनोज कर्ण
✍️पढ़ना ही पड़ेगा ✍️
Vaishnavi Gupta
'याद पापा आ गये मन ढाॅंपते से'
Rashmi Sanjay
जी, वो पिता है
सूर्यकांत द्विवेदी
बूँद-बूँद को तरसा गाँव
ईश्वर दयाल गोस्वामी
श्रीमती का उलाहना
श्री रमण 'श्रीपद्'
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
क्या लगा आपको आप छोड़कर जाओगे,
Vaishnavi Gupta
बंदर भैया
Buddha Prakash
हमें क़िस्मत ने आज़माया है ।
Dr fauzia Naseem shad
पहनते है चरण पादुकाएं ।
Buddha Prakash
मजदूरों का जीवन।
Anamika Singh
।। मेरे तात ।।
Akash Yadav
तुम साथ अगर देते नाकाम नहीं होता
Dr Archana Gupta
मेरे बुद्ध महान !
मनोज कर्ण
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
Loading...