Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

निगाह-ए-यास कि तन्हाइयाँ लिए चलिए

निगाह-ए-यास कि तन्हाइयाँ लिए चलिए
ख़ुशी का एक नया आसमाँ लिए चलिए।

छिपे हुए कुछ दर्दों कि दास्ताँ है यह
ज़हन कि सुब्ह में रंगीनियाँ लिए चलिए।

ग़मों कि दिल में ये वामांदगी लिए बैठा
नियाज़-नामा का कारवाँ लिए चलिए।

क़रार-ए-जाँ को वस्ल-ए-क़ू छोड़कर आए
गुबार-ए-दिल को नई सम्तियाँ लिए चलिए।

न जाने कितने ही मौसम बदल चुके है हम
कि संग अपने भी कुछ तल्ख़ियाँ लिए चलिए।

फ़रोग़-ए-शम्’अ को इस तीरगी मे ले आओ
नज़र से जो हुई गुस्ताख़ियाँ लिए चलिए।

सफ़र मे इतना भी आसां नहीं था ये सबकुछ
मता-ए-जीस्त मे फिर नोकियाँ लिए चलिए।

52 Views
You may also like:
✍️वास्तविकता✍️
"अशांत" शेखर
हमने प्यार को छोड़ दिया है
VINOD KUMAR CHAUHAN
रिश्ते
Saraswati Bajpai
जिंदगी
AMRESH KUMAR VERMA
//स्वागत है:२०२२//
Prabhudayal Raniwal
मां तेरे आंचल को।
Taj Mohammad
निद्रा
Vikas Sharma'Shivaaya'
**अशुद्ध अछूत - नारी **
DR ARUN KUMAR SHASTRI
** भावप्रतिभाव **
Dr. Alpa H. Amin
कविता पर दोहे
Ram Krishan Rastogi
शहीद रामचन्द्र विद्यार्थी
Jatashankar Prajapati
【29】!!*!! करवाचौथ !!*!!
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मनमीत मेरे
Dr.sima
मेरे पापा...
मनमोहन लाल गुप्ता अंजुम
कर्मठ राष्ट्रवादी श्री राजेंद्र कुमार आर्य
Ravi Prakash
शहीद भारत यदुवंशी को मेरा नमन
Surabhi bharati
जिंदगी को खामोशी से गुज़ारा है।
Taj Mohammad
प्रेम...
Sapna K S
गाँधी जी की लाठी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
शायरी संग्रह
श्याम सिंह बिष्ट
【20】 ** भाई - भाई का प्यार खो गया **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
मां का आंचल
VINOD KUMAR CHAUHAN
आत्महत्या क्यों ?
Anamika Singh
हमारा दिल।
Taj Mohammad
✍️जुर्म संगीन था...✍️
"अशांत" शेखर
कोमल एहसास प्यार का....
Dr. Alpa H. Amin
संकोच - कहानी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
जीवन जीने की कला, पहले मानव सीख
Dr Archana Gupta
मोबाइल सन्देश (दोहा)
N.ksahu0007@writer
सरसी छंद और विधाएं
Subhash Singhai
Loading...