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14 Feb 2023 · 1 min read

💐अज्ञात के प्रति-113💐

ना-उम्मीद रखें या बहुत उम्मीद रखें,
मेरे दिल में रहें मुझे सलामत रखें।

©®अभिषेक: पाराशरः ‘आनन्द’

Language: Hindi
105 Views
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