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Sep 25, 2017 · 1 min read

नारी

जीवन भर वो जिम्मेदारियां निभाती रही,
कभी बेटी तो कभी माँ कहलाती रही,

न डरती थी वो न थकती थी वो,
एक अग्नि सी जलती थी वो,

हौसलों से सदा खुद को तपाती रही,
कभी बेटी तो कभी माँ वो कहलाती रही ।

।। आकाशवाणी ।।

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