Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

नारी अबला नहीं अपितु वह ही तो है बल दाता !

नारी अबला नहीं अपितु वह ही तो है बल दाता !

वह ही माता वही विधाता वो ही तो सुख दाता,
उस से ही यह सृष्टि बनी है, उसकी सब कृति हैं,
तो फिर तुम्ही बताओ इस नारी में क्या बिकृति है,
महाशक्ति का रक्त सदा जो हम सब में बहता है,
वही रक्त तो भाई इस नारी में भी रहता है,
फिर क्यों भाई वह सदैव है यों उदास सी रहती,
और कहीं न कहीं सदा है यों प्रताड़ना सहती,
नारी नर की है सदैव ही अर्धांगनी कहाती,
फिर क्यों उसके जीवन में यों दुःख की सेज समाती !!

485 Views
You may also like:
कुछ पल का है तमाशा
Dr fauzia Naseem shad
मिट्टी की कीमत
निकेश कुमार ठाकुर
✍️आज के युवा ✍️
Vaishnavi Gupta
बुद्ध भगवान की शिक्षाएं
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
भोजपुरी के संवैधानिक दर्जा बदे सरकार से अपील
आकाश महेशपुरी
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
मैं कुछ कहना चाहता हूं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
कैसे गाऊँ गीत मैं, खोया मेरा प्यार
Dr Archana Gupta
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
The Sacrifice of Ravana
Abhineet Mittal
माखन चोर
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
✍️काश की ऐसा हो पाता ✍️
Vaishnavi Gupta
" मैं हूँ ममता "
मनोज कर्ण
तुम हमें तन्हा कर गए
Anamika Singh
इसलिए याद भी नहीं करते
Dr fauzia Naseem shad
✍️बारिश का मज़ा ✍️
Vaishnavi Gupta
ओ मेरे !....
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ये दिल मेरा था, अब उनका हो गया
Ram Krishan Rastogi
ये कैसा धर्मयुद्ध है केशव (युधिष्ठर संताप )
VINOD KUMAR CHAUHAN
दहेज़
आकाश महेशपुरी
बेरूखी
Anamika Singh
कर्ज भरना पिता का न आसान है
आकाश महेशपुरी
मेरे पिता
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
समय का सदुपयोग
Anamika Singh
ऐसे थे मेरे पिता
Minal Aggarwal
छोड़ दी हमने वह आदते
Gouri tiwari
हिन्दी साहित्य का फेसबुकिया काल
मनोज कर्ण
ग़ज़ल
सुरेखा कादियान 'सृजना'
सही-ग़लत का
Dr fauzia Naseem shad
Loading...