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Mar 15, 2019 · 2 min read

नाम रोशन करेगी बेटी

रेखा ने जैसे ही खबर सुनाई,मानो आसमान फट गया ।
और घर में सुनामी कहर बरपाने आ रही हो ।
सब मौन खड़े ये जानने को उत्सुक है कि पता नहीं दादी अब क्या कहेंगी ।
रेखा तुम मर क्यों नहीं जाती फ़ोन पटकते हुए दादी बोली।
ऐसा क्या कह दिया रेखा ने दादी जो आप इतनी भड़क रही हो राज बोला ।
तू तो चुप ही रह नालायक, तेरी वजह से आज ये नौबत आई है ।
ओहो मां … आखिर बात क्या है कुछ बताओगी भी ?
क्या बताऊं केशव … दादी लम्बी साँस छोड़ते हुवे बोली,मैडम पर पहले पढ़ने का भूत सवार हुआ,अब नौकरी करने का वो भी विदेश में । ये सब तेरी छूट का नतीजा है रे केशव,तू क्यों मेरी मिट्टी पलीत करवाने पर तुला हुआ है ।
ऊपर से ये तेरी औलाद निकल गई हाथ से ।दादी आपके वक्त में पढ़ाई को इतना महत्व नहीं दिया गया और जिन्होने महत्व समझा,उनका नाम आज इज्जत से लिया जाता है ।
चुप रह मुझे मत सिखा,मुझे अक्ल मत दे,तेरे बाप को पाला पौसा फिर तुम बहन भाईयों को पाला पौसा है मैने ।मुझे सिखाएगा आया है होन्शीयार कहीं का ।
कान खोलकर सुनलो तुम सब,कल की तारीख में अगर रेखा घर नहीं आई तो मैं आत्म हत्या कर लूंगी ।
घर में सन्नाटा छा गया जैसे कोई तूफान अभी-अभी शान्त हुआ हो।
मां एक बात पूछूँ आपसे?
हाँ बोलो …
अगर मैं लड़की होता तो आप क्या करती?क्या आप जन्म देते ही मेरा गला घोंट देती?
नहीं मैं ऐसा कभी सोच भी नहीं सकती,तू तो मेरी जान है रे केशव इतना कहकर दादी फफक पड़ी ।जमाना बहुत खराब है लड़की की जात कल को कुछ हो गया तो क्या मुहँ दिखाएँगे लोगों को?
दादी आप कभी गलत नहीं हुए हम भी तो आपका ही खून हैं,भला हम पर अविश्वास क्यों?
जमाना बदल गया है राज और तू अभी बच्चा है ।जिस दिन तू मेरी उमर में आएगा तब ये बातें तू खुद अपने बच्चों और पौत्र पोत्रियों से कहेगा ।दादी रेखा आपका नाम रोशन करेगी,हाँ मां बस एक मौका उसे भी मिलना चाहिए ।उसे भी पंख फैलाने दो,उड़ने दो इस नील गगन में ।
ठीक है ।दादी ने जैसे दिल पर पत्थर रखकर हाँ कही हो ।
दादी की आँखें नम थी पर खुश थी कि शायद कोई लड़की ये नहीं कहेगी कि मुझे घर वालों ने पढ़ने नहीं दिया ।केशव और राज दौनों बहुत खुश है , क्योंकि आज फिर एक और बेटी चल पड़ी है कल्पना चावला बनने ।
~~~~~
राज स्वामी (राजेश)

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