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Sep 15, 2017 · 1 min read

== नतीजे आएंगे ==

पता नहीं क्यों आज देश के बहुत हुए बदतर हालात।
हत्या, उपद्रव, बाढ़, दुर्घटनाओं से पहुंचा जन-जन को आघात।
जन-जन को आघात आकाओं को नहीं है फुरसत।
वोट बटोरना जनता से बस यही है हसरत।
कहे रंजना निज स्वार्थ में ये कर रहे खूब खता।
जनता देगी नतीजे कभी तो चल जाएगा पता।

—रंजना माथुर दिनांक 15/09/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

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