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10 Jul 2024 · 1 min read

नज़रे हटा के मुझको मेरा यार देखता है

नजरें हटा के मुझको, मेरा यार देखता है
तिरछी निगाह से वो,मेरा यार देखता है

उठती है मौज कोई ,समंदर से उनके दिल में
वाबस्ता नहीं फिर क्यों,मेरा यार देखता है

बरसा के तीरों खंजर, लाख दिल पे मेरे
भोली शक्ल बनाके, मेरा यार देखता है

आवाज़ धड़कनो की,बढ़ भी रही है दिल की
वो थाम साँसों दिल को, मेरा यार देखता है

हसरतें भी दिल की उनके, हो रही है जाहिर
लरजते लब छुपा के, मेरा यार देखता है

दिल है की मानता नहीं, उनका दिल दिवाना
उल्फत में यारे दिल को, मेरा यार देखता है

©ठाकुर प्रतापसिंह “राणाजी”
सनावद(मध्यप्रदेश)

Language: Hindi
44 Views
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