Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Wall of Fame

नजरें जब मिली मुस्कराये तुम भी थे

हाँ, कुछ देर पहले ही
बाहर से घर आया हूँ !
बारिश में भींग गया हूँ !
अब तो धूप खिल आई है,
प्रकृति हरीभरी और निराली है !
ऐसे बहुत सारे लोग हैं,
जो सफल और संपन्न होकर भी
सिम्पलीसिटी में जीते हैं ।
यह तो बड़प्पन है ।
कहने का मकसद है,
सम्पन्नता पाकर अगर हम
सिम्पलीसिटी में रहे,
तो यह हमारी महानता है,
अन्यथा सम्पन्नता का
डींग हाँकना
हमारे अभिमान का सूचक है,
जो कालांतर में
दुर्बल पक्ष के रूप में
अभिहित है।
ज़िन्दगी बहुत छोटी है
और हमने
कई सामान खरीद रखे हैं !
किसी ने सच कहा है-
अकेले हम ही नहीं शामिल
इस जुर्म में,
नजरें जब मिली
मुस्कराये तुम भी थे !

2 Likes · 1 Comment · 221 Views
You may also like:
पुस्तक समीक्षा
Rashmi Sanjay
कलियों को फूल बनते देखा है।
Taj Mohammad
खुद को बहला रहे हैं।
Taj Mohammad
गर्भ से बेटी की पुकार
Anamika Singh
लोग कहते हैं कैसा आदमी हूं।
सत्य कुमार प्रेमी
"बेरोजगारी"
पंकज कुमार "कर्ण"
"शादी की वर्षगांठ"
rubichetanshukla रुबी चेतन शुक्ला
बारिश का मौसम
विजय कुमार अग्रवाल
💐 माये नि माये 💐
DR ARUN KUMAR SHASTRI
✍️वो खूबसूरती✍️
'अशांत' शेखर
जिंदगी की फरमाइश - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
✍️थोडा रूमानी हो जाते...✍️
'अशांत' शेखर
माँ
shabina. Naaz
कोशिश
Anamika Singh
*भक्त प्रहलाद और नरसिंह भगवान के अवतार की कथा*
Ravi Prakash
दिल से रिश्ते निभाये जाते हैं
Dr fauzia Naseem shad
संघर्ष
Anamika Singh
हमारी नींदें
Dr fauzia Naseem shad
अलबेले लम्हें, दोस्तों के संग में......
Aditya Prakash
बारी है
वीर कुमार जैन 'अकेला'
^^मृत्यु: अवश्यम्भावी^^
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
क्योंकि, हिंदुस्तान हैं हम !
Palak Shreya
मैथिली के प्रथम मुस्लिम कवि फजलुर रहमान हाशमी (शख्सियत) -...
श्रीहर्ष आचार्य
वो काली रात...!
मनोज कर्ण
*जिनको डायबिटीज (हास्य कुंडलिया)*
Ravi Prakash
चल कहीं
Harshvardhan "आवारा"
पितृ-दिवस / (समसामायिक नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️बर्दाश्त की हद✍️
'अशांत' शेखर
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
मैं तेरी आशिकी
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...