Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Aug 2019 · 2 min read

धीमा जहर

रोजमर्रा की जिंदगी में तमाम चीजें ऐसी हैं जिनका इस्तेमाल हम खाने-पीने मैं करते हैं। इन तमाम चीजों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। वजह साफ है तेजी से बढ़ रही आबादी। देखा जाए तो तमाम चीजों के उत्पादन में भी बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद आबादी के अनुपात में देखा जाए तो उत्पादन नाकाफी है।

दूध और उससे बनने वाली तमाम चीजों का इस्तेमाल हर घर में किया जाता है। दूध से बनने वाली सभी चीजें पौष्टिक है और अपना एक अलग असर रखती हैं। इसलिए दूध और इससे बनने वाली तमाम चीजों की मांग हमेशा बनी रहती है। एक सर्वे पर गौर किया जाए तो मालूम होता है कि हमारे देश में मांग के मुताबिक दूध का उत्पादन हो ही नहीं रहा है।

दूध का उत्पादन इतना भी नहीं है जिससे सिर्फ बच्चों के लिए दूध और आम घरेलू जरूरतें पूरी हो सकें। ऐसे में सवाल यह है बाजारों में मिलने वाला पनीर, दूध से बनने वाली तमाम मिठाइयां, रबड़ी, मावा, छैना, बंगाली मिठाई, गुलाब जामुन आदि की पूर्ति कहां से होती है? शायद हम जरूरत ही महसूस नहीं करते कि इन सवालों के जवाबों को तलाशा जाए।

हमारे यहां नकली दूध का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। हालांकि इसका सबूत पेश करना बहुत आसान काम नहीं है। हां, शासन-प्रशासन के लिए कुछ मुश्किल भी नहीं। त्योहारों पर या किसी विशेष छापामारी अभियान के दौरान सामने आता है कि मिलावटी मिठाइयां और नकली दूध का कारोबार तो होता ही है।

आमतौर पर दूध बहुत ही संवेदनशील चीज है। ताजा दूध कुछ ही देर में खराब हो जाता है। इसके विपरीत बाजार में लव पैकिंग वाले दूध की एक्सपायरी 3 महीने आने लगी है। सवाल यह है कि कुछ ही देर में खराब हो जाने वाला ताजा दूध 3 महीने तक, वह भी फ्रिज से अलग, थैली में बंद रहने पर कैसे सही रह सकता है? मेरा विचार तो यही है कि वह दूध शुद्ध दूध न होकर रसायन युक्त कुछ और ही है। हैरत की बात यह है की तमाम जिम्मेदार लोग भी इस तरफ से आंखें मूंदे हुए बैठे हैं। नामचीन कंपनियां खुलेआम इस दूध को बाज़ार में सप्लाई कर रही हैं।

मुनाफाखोरों के दिल में इंसानियत इस हद तक मर चुकी है कि वह किसी की जिंदगी से खिलवाड़ करने से भी नहीं चूकते। दूध के रूप में यह मीठा जहर हमारी नस्लों के लिए कितना खतरनाक साबित होगा, शायद हम अंदाज भी न लगा पाएं। अभी भी समय है, हमें चेत जाना चाहिए। इस काले धंधे की खिलाफ पहले तो हमें खुद आगे आना होगा। इसके साथ शासन और प्रशासन को भी सच्ची भावना के साथ काम करना होगा।

© अरशद रसूल

Language: Hindi
Tag: लेख
3 Likes · 1 Comment · 280 Views

Books from अरशद रसूल /Arshad Rasool

You may also like:
अगर मेरी मोहब्बत का
अगर मेरी मोहब्बत का
श्याम सिंह बिष्ट
हास्य गजल
हास्य गजल
Sandeep Albela
गीत
गीत
Shiva Awasthi
*परिस्थितियॉं हमेशा ही, नया कुछ मोड़ लेती हैं (मुक्तक)*
*परिस्थितियॉं हमेशा ही, नया कुछ मोड़ लेती हैं (मुक्तक)*
Ravi Prakash
बहुत ऊँची नही होती है उड़ान दूसरों के आसमाँ की
बहुत ऊँची नही होती है उड़ान दूसरों के आसमाँ की
'अशांत' शेखर
"दर्द की महक"
Dr. Kishan tandon kranti
■ आज का कटाक्ष
■ आज का कटाक्ष
*Author प्रणय प्रभात*
कवि और चितेरा
कवि और चितेरा
मनमोहन लाल गुप्ता 'अंजुम'
हृद् कामना ....
हृद् कामना ....
डॉ.सीमा अग्रवाल
वर्तमान
वर्तमान
Saraswati Bajpai
फितरत
फितरत
दशरथ रांकावत 'शक्ति'
कुकिंग शुकिंग
कुकिंग शुकिंग
Surinder blackpen
जब जब ……
जब जब ……
Rekha Drolia
✍️खामोश लबों को ✍️
✍️खामोश लबों को ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
शहीद दिवस पर शहीदों को सत सत नमन 🙏🙏🙏
शहीद दिवस पर शहीदों को सत सत नमन 🙏🙏🙏
Prabhu Nath Chaturvedi
मेरी सादगी को देखकर सोचता है जमाना
मेरी सादगी को देखकर सोचता है जमाना
कवि दीपक बवेजा
एहसास दे मुझे
एहसास दे मुझे
Dr fauzia Naseem shad
जय जय जय जय बुद्ध महान ।
जय जय जय जय बुद्ध महान ।
Buddha Prakash
. खुशी
. खुशी
Vandana Namdev
इन अश्कों की।
इन अश्कों की।
Taj Mohammad
कहमुकरी
कहमुकरी
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
तंज़ीम
तंज़ीम
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Meri asuwo me use rokane ki takat hoti
Meri asuwo me use rokane ki takat hoti
Sakshi Tripathi
इंसाफ़ मिलेगा क्या?
इंसाफ़ मिलेगा क्या?
Shekhar Chandra Mitra
पुलवामा शहीद दिवस
पुलवामा शहीद दिवस
Ram Krishan Rastogi
शिक्षा (Education) (#नेपाली_भाषा)
शिक्षा (Education) (#नेपाली_भाषा)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
जो तुम समझे ❤️
जो तुम समझे ❤️
Rohit yadav
राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है
राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है
पंकज कुमार शर्मा 'प्रखर'
सच यह गीत मैंने लिखा है
सच यह गीत मैंने लिखा है
gurudeenverma198
🌸🌺उन्होंने इश्क़ की क़ीमत तय कर दी🌺🌸
🌸🌺उन्होंने इश्क़ की क़ीमत तय कर दी🌺🌸
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...