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Jul 29, 2022 · 1 min read

धड़कनों की सदा।

काश सुन पाता तू मेरी धड़कनों की सदा।
तो फिर कभी ना कहता यूं हमको बेवफा।।

किसी से तवक्को नही है खुदा के सिवा।
उससे बस तुझे मांगता हूं ए मेरे हमनवां।।

✍️✍️ ताज मोहम्मद ✍️✍️

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