Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Sep 2016 · 1 min read

दो चार करेंगे

हम आपसे आँखे फिर दो चार करेंगे
हर रोज नये रूप में स्वीकार करेंगे

फेरे हमने सात लगाये संग तेरे
तेरे पर हम तो फिर से ही अधिकार करेंगे

गर बात हमारी सब मानो यदि तुम तो
तब हम सबके साथ ही परिवार करेंगे

तीखे बन जाओ जब मेरे ही लिए तो
जीना हम तेरा तब दुश्वार करेंगें

जब प्यार भरी बात करोगे हमसे तो
जीवन तुम पर हम फिर आभार करेंगे

जब छोड़ के हमको तुम जाओगे कहीँ तो
वापस तब आने पर पुचकार करेंगे

जीवन भर हम साथ निभाये अब तेरा
सच्ची कहते है कि न हथियार करेंगे

बाधा यदि आये न निभा साथ मैं पाऊँ
मैं छोड़ू न तुमको तब गद्दार करेंगे

जब नींद हमें रात न आयें बिन तेरे
तब प्यार करो तुम यह इजहार करेंगे

हमको बरसों बाद मिला है प्रियतम जो
जी भर हम उसका अब दीदार करेंगे

मीठी मधु शाला से भरी कैसे तुम हो
अब हम मधु भावों का व्यापार करेंगे

डॉ मधु त्रिवेदी

69 Likes · 611 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Follow our official WhatsApp Channel to get all the exciting updates about our writing competitions, latest published books, author interviews and much more, directly on your phone.
Books from DR.MDHU TRIVEDI
View all
You may also like:
"वो पीला बल्ब"
Dr Meenu Poonia
कुत्तों की बारात (हास्य व्यंग)
कुत्तों की बारात (हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
इक क्षण
इक क्षण
Kavita Chouhan
रेणुका और जमदग्नि घर,
रेणुका और जमदग्नि घर,
Satish Srijan
2790. *पूर्णिका*
2790. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
क़िस्मत का सितारा।
क़िस्मत का सितारा।
Taj Mohammad
खेल और भावना
खेल और भावना
Mahender Singh
💃युवती💃
💃युवती💃
सुरेश अजगल्ले"इंद्र"
कमाल करते हैं वो भी हमसे ये अनोखा रिश्ता जोड़ कर,
कमाल करते हैं वो भी हमसे ये अनोखा रिश्ता जोड़ कर,
Vishal babu (vishu)
अदम गोंडवी
अदम गोंडवी
Shekhar Chandra Mitra
गरीबी तमाशा बना
गरीबी तमाशा बना
Dr fauzia Naseem shad
हो समर्पित जीत तुमको
हो समर्पित जीत तुमको
DEVESH KUMAR PANDEY
ख़ुशामद
ख़ुशामद
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
💐प्रेम कौतुक-283💐
💐प्रेम कौतुक-283💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
ఉగాది
ఉగాది
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
मोहब्बत ना कर .......
मोहब्बत ना कर .......
Jitendra Chhonkar
विचार
विचार
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मुर्दा समाज
मुर्दा समाज
Rekha Drolia
वक्त को कौन बांध सका है
वक्त को कौन बांध सका है
Surinder blackpen
■ छोटी दीवाली
■ छोटी दीवाली
*Author प्रणय प्रभात*
*किसी की भी हों सरकारें,मगर अफसर चलाते हैं 【मुक्तक】*
*किसी की भी हों सरकारें,मगर अफसर चलाते हैं 【मुक्तक】*
Ravi Prakash
मेरे शब्द, मेरी कविता, मेरे गजल, मेरी ज़िन्दगी का अभिमान हो तुम
मेरे शब्द, मेरी कविता, मेरे गजल, मेरी ज़िन्दगी का अभिमान हो तुम
Anand Kumar
लक्ष्य
लक्ष्य
लक्ष्मी सिंह
नन्ही परी चिया
नन्ही परी चिया
Dr Archana Gupta
पुस्तक समीक्षा - अंतस की पीड़ा से फूटा चेतना का स्वर रेत पर कश्तियाँ
पुस्तक समीक्षा - अंतस की पीड़ा से फूटा चेतना का स्वर रेत पर कश्तियाँ
डॉ. दीपक मेवाती
मात्र क्षणिक आनन्द को,
मात्र क्षणिक आनन्द को,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
तंज़ीम
तंज़ीम
DR ARUN KUMAR SHASTRI
वंशवादी जहर फैला है हवा में
वंशवादी जहर फैला है हवा में
महेश चन्द्र त्रिपाठी
“ फेसबूक मित्रों की नादानियाँ ”
“ फेसबूक मित्रों की नादानियाँ ”
DrLakshman Jha Parimal
लोग कहते हैं कैसा आदमी हूं।
लोग कहते हैं कैसा आदमी हूं।
सत्य कुमार प्रेमी
Loading...