Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Oct 1, 2017 · 1 min read

दोस्त एक कारगर

दोस्त,
चारागर(वैद्य) है,
जिसे हालेदिल सुनाकर,
तकलीफोँ को बताकर,
रोगोँ से निज़ात पा लेते हैँ ।
दोस्त
सुहानी डगर है,
जिस पर दो पल टहल कर,
प्रकृति को निहारकर,
थकान मिटा लेते हैँ ।
दोस्त
वह कन्धा है,
जिसपर सर रखकर,
दो अश्रु बहाकर,
दो घङी रोकर,
दिल हलका कर लेते हैँ,
दोस्त
एक आइना है,
सच का सामना है,
क्या अच्छा, क्या बुरा,
इससे कब छुपना है?
देखकर छवि अपनी
सूरत सँवार लेते हैँ,
दोस्त
एक इबादत है
कुरान की पाक आयत है,
बन्दे पर खुदा की
मासूम सी इनायत है,
दोस्त की सूरत मेँ खुदा का
दीदार कर लेते हैँ,
खुशनसीब हूँ मैँ कि
दोस्त ऐसे पाये,
जैसे जेठ की धूप मेँ
घने दरख्तोँ के साये,
तले बैठकर जिनके
दरम्यानेराह सुस्ता लेते हैँ ।
Chitra Kumar Gupta

289 Views
You may also like:
पीला पड़ा लाल तरबूज़ / (गर्मी का गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गाँव की साँझ / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Dr.Priya Soni Khare
दिल ज़रूरी है
Dr fauzia Naseem shad
✍️जरूरी है✍️
Vaishnavi Gupta
पिता का आशीष
Prabhudayal Raniwal
कौन दिल का
Dr fauzia Naseem shad
बोझ
आकांक्षा राय
रबीन्द्रनाथ टैगोर पर तीन मुक्तक
Anamika Singh
दर्द ख़ामोशियां
Dr fauzia Naseem shad
जंगल के राजा
Abhishek Pandey Abhi
जीवन-रथ के सारथि_पिता
मनोज कर्ण
सपना आंखों में
Dr fauzia Naseem shad
हवा-बतास
आकाश महेशपुरी
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
बहुत प्यार करता हूं तुमको
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
झरने और कवि का वार्तालाप
Ram Krishan Rastogi
हर एक रिश्ता निभाता पिता है –गीतिका
रकमिश सुल्तानपुरी
जब बेटा पिता पे सवाल उठाता हैं
Nitu Sah
ग़ज़ल / (हिन्दी)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
✍️काश की ऐसा हो पाता ✍️
Vaishnavi Gupta
हमें अब राम के पदचिन्ह पर चलकर दिखाना है
Dr Archana Gupta
पिता है भावनाओं का समंदर।
Taj Mohammad
✍️बदल गए है ✍️
Vaishnavi Gupta
परिवाद झगड़े
ईश्वर दयाल गोस्वामी
ग़ज़ल /
ईश्वर दयाल गोस्वामी
गुरुजी!
Vishnu Prasad 'panchotiya'
पापा जी
सत्येन्द्र पटेल ‘प्रखर’
गर्मी का कहर
Ram Krishan Rastogi
अनामिका के विचार
Anamika Singh
Loading...