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5 Jul 2022 · 1 min read

देश के नौजवानों

देश के मेरे नौजवानों
सुन लो मेरी बात ,
दुश्मन छुपा हुआ है घर मे
लगाकर अपना घात।

चाह रहा है आपस में लड़वाना
हमारी एकता में मतभेद लाना।
तरह-तरह के साजिश रच वह
हमारे देश को चाह रहा है चोट पहुँचाना।

रहना सचेत तुम नौजवानों
उनकी बातों मे नही भटक जाना।
तरह-तरह के लोभ दिखाएंगे
तुम उसमें नही फँस जाना।

है तु भारत माता का लाल
यह बात नही तुम भूल जाना।
इस मिट्टी में पला- बढा तुम
इस मिट्टी का कर्ज चुकाना।

देश से बढकर कुछ नही होता
यह बात अपने दिल में बैठना।
लाख दुश्मन तुम्हें भटकाएँ
पर देश से तुम गद्दारी न करना।

तेरे इन कंधो पर नौजवानों
देश का नींव टिका है।
देश का भविष्य तुमसे
और तेरा भविष्य देश से जुड़ा है
इस बात को तुम नही भूल जाना।

~अनामिका

Language: Hindi
Tag: कविता
8 Likes · 8 Comments · 183 Views
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