Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings

देश का बुरा हाल है||

हर किसी की ज़ुबाँ पर बस यही सवाल है
करने वाले कह रहे, देश का बुरा हाल है||

नेता जी की पार्टी मे फेका गया मटन पुलाव
जनता की थाली से आज रूठी हुई दाल है||

राशन के थैले का ख़ालीपन बढ़ने लगा
हर दिन हर पल हर कोई यहाँ बेहाल है||

पैसे ने अपनो को अपनो से दूर कर दिया
ग़रीबी मे छत के नीचे राजू और जमाल है||

आंशु बहा-बहा कर भी थकता कहाँ है वो
ये ग़रीब की अमीर आँखो का कमाल है||

247 Views
You may also like:
कहीं पे तो होगा नियंत्रण !
Ajit Kumar "Karn"
जितनी मीठी ज़ुबान रक्खेंगे
Dr fauzia Naseem shad
बुद्ध धाम
Buddha Prakash
पिता
Saraswati Bajpai
✍️कैसे मान लुँ ✍️
Vaishnavi Gupta
उनकी यादें
Ram Krishan Rastogi
जाने कैसा दिन लेकर यह आया है परिवर्तन
आकाश महेशपुरी
✍️बारिश का मज़ा ✍️
Vaishnavi Gupta
सत्य कभी नही मिटता
Anamika Singh
सिद्धार्थ से वह 'बुद्ध' बने...
Buddha Prakash
पिता
Neha Sharma
ढाई आखर प्रेम का
श्री रमण 'श्रीपद्'
ग़रीब की दिवाली!
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
इस तरह
Dr fauzia Naseem shad
पिता की अभिलाषा
मनोज कर्ण
पितृ ऋण
Shyam Sundar Subramanian
पापा आपकी बहुत याद आती है !
Kuldeep mishra (KD)
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
राष्ट्रवाद का रंग
मनोज कर्ण
बुढ़ापे में अभी भी मजे लेता हूं
Ram Krishan Rastogi
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
फिर भी वो मासूम है
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
यादों की बारिश का कोई
Dr fauzia Naseem shad
ये बारिश का मौसम
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
फ़ायदा कुछ नहीं वज़ाहत का ।
Dr fauzia Naseem shad
"आम की महिमा"
Dr. Asha Kumar Rastogi M.D.(Medicine),DTCD
चिराग जलाए नहीं
शेख़ जाफ़र खान
पिता की छांव
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
पिता की याद
Meenakshi Nagar
Loading...