Oct 7, 2016 · 1 min read

देख रहा होगा

देख रहा होगा जहाँ के हालात कोई फरिश्ता
जुल्म मिटाने को कभी उतरेगा कोई फरिश्ता
बेशरमाई झूठ मक्कारी की हदों को रोकेगा
जग का कल्याण करेगा फिर कोई फरिश्ता

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