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Oct 27, 2016 · 1 min read

दीपावली

लो आई फिर
दीपावली
चलो ,इस बार
मन के किसी कोने में
दीप जलाएं इक
शांति का ,
प्रीती का ,
स्नेह का
फिर इस मनदीप से
दीप से दीप जलाएँ
दीपमाल से गुँथ जाएँ
जैसे इक माला के फूल
फूल सुगंध से महकाएँ
ये दुनियाँ सारी ।

1 Like · 3 Comments · 420 Views
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