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23 Oct 2022 · 1 min read

दीपावली का उत्सव

दीपों का यह ललाम सी त्योहार
घर – घर जलाते जिन में दीये सब
बच्चे पटाखे, फुरझड़िया छोड़ते
और नाचगाकर सब उत्सव मनाते ।

इस दिवाली कुछ गरीबों को भी
खुशी से हम दिवाली मनाने दे…
ताकि हमारे साथ साथ गरीब भी
खुशी से यह दिवाली मना सके ।

यह दीपों का त्योहार निराला
होता भरा पुरा खुशियों से यह
यह रम्य त्योहार, अंतःकोप पर
ज्योति की विजय का है प्रतीक

क्यों न हमसब इस दिवाली
कुछ घरों को करें प्रकाशमान
जो घर कई वर्षों से है अंधेर
मायुस बच्चों को जगमगाए ।

इस दिवाली हम स्वदेशी अपनाकर
चैनिज वस्तुओं का कर बहिष्कार
करोड़ों अरबों की बजट बचा सकते
विदेशो जाने से, इस लक्ष्मी को हमसब ।

हम इस दिवाली को मनाएंगे दीपों से
ताकि हमारा पर्यावरण रहे हिफाजत
इससे बरसाती कीटों का होगा आघात
जिन से हम और आप रह पाएंगे शुभ्र ।

लेखक :- अमरेश कुमार वर्मा

Language: Hindi
Tag: कविता
4 Likes · 2 Comments · 60 Views
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