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28 Jul 2022 · 1 min read

दिल का यह

दिल का यह क़यास है शायद ।
मेरी तबीअत उदास है शायद ।।
नाम लेते ही बुझ गई….. तेरा ।
मेरे होंठों की प्यास है शायद ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

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