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दिल कहे चलो चलें उस ओर !

दिल कहे चलो चलें उस ओर !

जहाँ प्रीत का न हो कोई छोर,
बरसे प्रेम घटा घनघोर,
पपीहा टेर करे जिस ठौर,
दिल कहे चलो चलें उस ओर !
मन मेरा जाना चाहे उधर,
सपनों का हो जहाँ नगर,
खीचें कोई सुहानी डोर,
दिल कहे चलो चलें उस ओर !
जहाँ प्रीत का न हो कोई छोर,
रात हो नशीली जहाँ चांदनी भी छाई हो,
मन के झरोखे में कोई परछाईं हो,
मेघों को देख जैसे नाचता हो झूम मोर
दिल कहे चलो चलें उस ओर !
जीवन हो खुश हाल जिधर,
गम का न हो संसार उधर
बेचैनी का न हो कोई शोर,
दिल कहे चलो चले उस ओर !

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