Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
Sep 19, 2017 · 1 min read

दिल करता है

(1)

दिल करता है आपसे बार-बार मिलते रहें ,
दिल करता है आपके साथ-साथ चलते रहें,
आप अवश्य ही नेक इंसान हैं,
छोटे नहीं, कुदरती महान हैं………

————————————-
(2)

जो लिखता हूँ दिल से लिखता हूँ,
कभी यूँ ही, कभी प्रसंग से लिखता हूँ I

होंगे हज़ारों ग़म इसकी चिंता नहीं ,
मुस्करा कर उमंग से लिखता हूँ I

1 Like · 331 Views
You may also like:
हम और तुम जैसे…..
Rekha Drolia
आंखों पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
पिता
Deepali Kalra
सपनों में खोए अपने
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पिता का सपना
श्री रमण 'श्रीपद्'
ठोकरों ने समझाया
Anamika Singh
इंतजार
Anamika Singh
काश मेरा बचपन फिर आता
साहित्य लेखन- एहसास और जज़्बात
भूखे पेट न सोए कोई ।
Buddha Prakash
मुझे तुम भूल सकते हो
Dr fauzia Naseem shad
मेरा खुद पर यकीन न खोता
Dr fauzia Naseem shad
ग़रीब की दिवाली!
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
मुझे आज भी तुमसे प्यार है
Ram Krishan Rastogi
✍️आशिकों के मेले है ✍️
Vaishnavi Gupta
बड़ी मुश्किल से खुद को संभाल रखे है,
Vaishnavi Gupta
रूखा रे ! यह झाड़ / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
Shankar J aanjna
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
कुछ दिन की है बात ,सभी जन घर में रह...
Pt. Brajesh Kumar Nayak
बताओ तो जाने
Ram Krishan Rastogi
कोई हमदर्द हो गरीबी का
Dr fauzia Naseem shad
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
मनोज कर्ण
"फिर से चिपको"
पंकज कुमार कर्ण
बरसात की छतरी
Buddha Prakash
बरसात की झड़ी ।
Buddha Prakash
“श्री चरणों में तेरे नमन, हे पिता स्वीकार हो”
Kumar Akhilesh
मेरे पिता है प्यारे पिता
Vishnu Prasad 'panchotiya'
काफ़िर का ईमाँ
DEVSHREE PAREEK 'ARPITA'
मिठाई मेहमानों को मुबारक।
Buddha Prakash
यादें वो बचपन के
Khushboo Khatoon
Loading...