Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
Nov 7, 2016 · 1 min read

दिल्ली की धुंध का इलाज संभव है

दिल्ली की धुंध का इलाज , संभव है
कुत्ते की पूछ का भी इलाज संभव है
****************************
बेवजह राजनीति बेवजह का रोना
बस ये ही इक तो इलाज असंभव है
***************************
कपिल कुमार
06/11/2016

110 Views
You may also like:
बुन रही सपने रसीले / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
माँ की भोर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता हैं धरती का भगवान।
Vindhya Prakash Mishra
चमचागिरी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जीवन के उस पार मिलेंगे
Shivkumar Bilagrami
संकुचित हूं स्वयं में
Dr fauzia Naseem shad
🥗फीका 💦 त्यौहार💥 (नाट्य रूपांतरण)
पाण्डेय चिदानन्द
आंखों पर लिखे अशआर
Dr fauzia Naseem shad
गर्मी का रेखा-गणित / (समकालीन नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
पिता
लक्ष्मी सिंह
जी, वो पिता है
सूर्यकांत द्विवेदी
ज़िंदगी को चुना
अंजनीत निज्जर
हैं पिता, जिनकी धरा पर, पुत्र वह, धनवान जग में।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
🙏माॅं सिद्धिदात्री🙏
पंकज कुमार कर्ण
मेरे पिता
Ram Krishan Rastogi
आई राखी
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
चोट गहरी थी मेरे ज़ख़्मों की
Dr fauzia Naseem shad
टूट कर की पढ़ाई...
आकाश महेशपुरी
आज मस्ती से जीने दो
Anamika Singh
* सत्य,"मीठा या कड़वा" *
मनोज कर्ण
रोटी संग मरते देखा
शेख़ जाफ़र खान
रावण - विभीषण संवाद (मेरी कल्पना)
Anamika Singh
पल
sangeeta beniwal
काश बचपन लौट आता
Anamika Singh
रबीन्द्रनाथ टैगोर पर तीन मुक्तक
Anamika Singh
मेरी तकदीर मेँ
Dr fauzia Naseem shad
दिलों से नफ़रतें सारी
Dr fauzia Naseem shad
ग़रीब की दिवाली!
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
मनोज कर्ण
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
Loading...