Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings

दिलों का आइना बिख़रा हुआ है

??
जिसे देखो वही टूटा हुआ है
दिलों का आइना बिख़रा हुआ है

मुहब्बत में मुझे धोख़ा हुआ है
मगर अफ़सोस क्यूँ चर्चा हुआ है

किधर जाएँ दिले नादान लेकर
बड़ा मुश्किल हरिक रस्ता हुआ है

मेरे आगोश में आए हो जब से
शबो-दिन जैसे अब ठहरा हुआ है

हवा छूकर तुम्हे जब आ गई तो
लगे सारा जहां महका हुआ है

वतन में चार सूं नफ़रत है “प्रीतम”
यहाँ माहौल तो गंदा हुआ है

प्रीतम राठौर भिनगाई
श्रावस्ती (उ०प्र०)
१९/०९/२०१७
??????????

123 Views
You may also like:
✍️कोई नहीं ✍️
Vaishnavi Gupta
दर्द इनका भी
Dr fauzia Naseem shad
कुछ कहना है..
Vaishnavi Gupta
बेटी का पत्र माँ के नाम
Anamika Singh
पिता के चरणों को नमन ।
Buddha Prakash
सूरज से मनुहार (ग्रीष्म-गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
तीन किताबें
Buddha Prakash
नदी सा प्यार
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जंगल के राजा
Abhishek Pandey Abhi
A wise man 'The Ambedkar'
Buddha Prakash
अधर मौन थे, मौन मुखर था...
डॉ.सीमा अग्रवाल
पिता
लक्ष्मी सिंह
कोई एहसास है शायद
Dr fauzia Naseem shad
जागो राजू, जागो...
मनोज कर्ण
इंतजार
Anamika Singh
पिता
Dr.Priya Soni Khare
ये दिल मेरा था, अब उनका हो गया
Ram Krishan Rastogi
बेटियों तुम्हें करना होगा प्रश्न
rkchaudhary2012
ब्रेकिंग न्यूज़
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
अपनी नज़र में खुद अच्छा
Dr fauzia Naseem shad
मत रो ऐ दिल
Anamika Singh
मेरी लेखनी
Anamika Singh
बाबा साहेब जन्मोत्सव
Mahender Singh Hans
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
रावण का प्रश्न
Anamika Singh
जय जगजननी ! मातु भवानी(भगवती गीत)
मनोज कर्ण
कैसा हो सरपंच हमारा / (समसामयिक गीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
💔💔...broken
Palak Shreya
ज़िंदगी से सवाल
Dr fauzia Naseem shad
पिता, पिता बने आकाश
indu parashar
Loading...